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Friday, June 19, 2020

दोस्त-दोस्त न रहा, किसी का एतवार न रहा

  • हत्या का कारण परिजन और पुलिस दोनों छिपाने में जुटे।
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठे मृतक के परिजन
एटा। 19 जून, जनपद के के थाना सकीट क्षेत्र के ग्राम दत्तपुर में समय करीब बीती रात्रि साढ़े ग्यारह बजे 35 वर्षीय सतेन्द्र की उसके ही दोस्तों ने घर पर आकर गोली मारकर हत्या कर दी। सरेआम हुये हत्याकांड से गांव में हड़कंप मच गया और हत्यारे गांव वालों के सामने हथियारों का प्रदर्शन करते हुए फरार हो गए।
पोस्टमार्टम ग्रह पर मृतक का शव लेकर आये मृतक के पिता रामनिवास ने बताया कि बीते शाम मेरा पुत्र 35 वर्षीय सतेन्द्र अपने गाँव के ही दोस्तों के साथ गया धा। उसके बाद इन लोगों में क्या हुआ मुझे नहीं मालूम। सतेन्द्र जब रात्रि में घर आ गया उसके बाद गांव के ही उसके दोस्त ज्ञान सिंह पुत्र किताब, कुलदीप पुत्र किशन पाल के 3 पुत्र किशन मुरारी वीरेंद्र पुत्र खेत सिंह आ गए। इन सभी पर तमंचे थे, ने घर के बाहर लगे नल पर सत्येंद्र को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई मृतक ने अपने पीछे परिवार में एक पत्नी 3 पुत्र व एक पुत्री को छोड़ा है  वह कृषि कार्य करता था।
प्रभारी निरीक्षक सकीट ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। हत्या क्यों की गई अभी तक पता नहीं लगा है। प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। मृतक की तहरीर आने पर ही घटना का कारण पता चल सकेगा।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा है।

रिपोर्ट-
अर्जुन मिश्रा

Tuesday, June 16, 2020

दवा व्यवसायी कोरोना संदिग्ध की उपचार के अभाव में हुई मौत

  • ए डी स्वास्थ्य को निरीक्षण के बाद भी नहीं थी जानकारी, बोले मामले की होगी जांच। 
  • सांस लेने में परेशानी होने पर भी वैन्टीलैटर पर नहीं रखा चिकित्सक ने, जबकि जिला चिकित्सालय में चार वैन्टीलेटर हैं मौजूद।
  • मृतक के परिजनों को मौत के कई घंटे बाद दी सूचना। 
एटा। 16 जुलाई, जनपद के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला मारहरा गेट निवासी 45 वर्षीय संजीव वार्ष्णेय की आज एटा के जिला चिकित्सालय स्थित आइसोलेशन वार्ड में मौत हो गई। वह दवा का व्यवसाय करते थे।
आज अलीगढ़ मंडल के ए डी स्वास्थ्य, डा. एन पी सिंह ने प्रातः 9:45 पर जिला चिकित्सालय में ओपीडी आदि स्थानों का निरीक्षण किया। किंतु जिला चिकित्सालय के आइशोलोशन वार्ड में संजीव वार्ष्णेय की मौत के समय के अनुसार उसकी मौत 10 बजे हुई, उस समय जिला चिकित्सालय में एडी भी मौजूद थे किंतु किसी को मौत की खबर तक न लगी। जबकि संजीव की मौत की खबर प्रातः काल की है। उसे श्वास लेने में परेशानी होती रही और वार्ड में कोई भी कर्मचारी के न होने के कारण उसे उपचार नहीं मिल सका।
ए डी स्वास्थ्य ने फोन पर वार्ता करने पर बताया कि निरीक्षण के दौरान उन्हें किसी भी कोरोना संदिग्ध की आइशोलोशन वार्ड में मौत होने की कोई जानकारी नहीं दी गई, जो कि उन्हें देनी चाहिए। साथ ही सीएमएस द्वारा मौत का सही समय न बता पाने एवं वैन्टीलेटर होने के बाद भी उसे वैन्टीलेटर पर न रखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मौत के समय व उपचार में लापरवाही तथा घटना छिपाने की जांच करायी जायेगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने बताया कि आज लगभग 11:30 बजे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती संजीव वार्ष्णेय नामक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई है।
वह टीवी तथा सांस के रोग से पीड़ित थे। उनका शनिवार को सैंपल लेकर कोरोना टैस्ट होने के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। जिसकी रिपोर्ट अभी तक वापस नहीं आयी है। मृतक का शव उसके परिजनों को सौंपा जा रहा है।
वहीं मृतक के परिजनों ने सीएमएस पर संजीव का सही उपचार न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे पुत्र की मौत 11:30 बजे नहीं, प्रातः हुई है। उसे सांस लेने में दिक्कत के उपरांत भी चिकित्सक द्वारा न  तो उसका कोई उपचार किया गया और न ही उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। अगर उसे वेंटीलेटर पर रखकर सही उपचार किया जाता तो उसकी जान बच जाती।चिकित्सालय की लापरवाही एवं उपचार न करने के बाद परिजनों ने उसकी कोरोना रिपोर्ट को छुपाने का आरोप लगाते हुए कोरोना की स्पष्ट रिपोर्ट न आने तक मृतक का शव लेने से इनकार कर दिया तथा शीघ्र ही जांच रिपोर्ट तथा  चिकित्सालय में उपचार न करने की जांच की मांग की हैं।
वही सीएमएस मृतक का शव 12 बजे उसके परिजनों को देने का दबाव बना रहे थे किंतु परिवार के लोग बिना रिपोर्ट के शव लेने को तैयार नहीं थे। दोपहर तीन बजे तक मृतक का शव आइशोलोशन वार्ड में रखा अपने अंन्तिम संस्कार का इंतजार कर रहा था।


रिपोर्ट-
अर्जुन मिश्रा

Monday, June 15, 2020

जब नियम बनाने के ठेकेदार ही नियम तोड़ने लगे तब आम आदमी भला क्या करे

  • विश्व रक्तदान दिवस के उदघाटन में तार-तार हो गए कोरोना महामारी के लिए बनाए गए नियम।
  • कोई बिना मास्क तो कोई नाक से नीचे मास्क पहनकर मास्क पहनने का दिखावा करता दिखा।
  • भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित जिले के कई वीआईपी थे मौजूद।
    अब साहब को कौन सिखाए महामारी में बने नियम?
एटा। 15 जून, जनपद मुख्यालय स्थित जिला चिकित्सालय में ब्लड बैंक में बीते दिन विश्व रक्त दान दिवस के अवसर पर एक निजी संस्थान द्वारा रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उदघाटन जिलाधिकारी सुखलाल भारती, भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप जैन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
किंतु उक्त कार्यक्रम में वीवीआईपी भूल गए कि उन्होंने ही कोरोना महामारी से लड़ने के लिए कुछ नियम बनाये थे। जो शायद उद्घाटन में फ़ोटो खिंचवाने के चक्कर में तार-तार कर दिए गए। वीआईपी द्वारा न तो फीता काटते समय सोशल डिस्टेंसिग का पालन किया गया और न ही उसके बाद।
जिलाधिकारी समेत समस्त अधिकारियों, जिलाध्यक्ष व वीआईपी के सोशल डिस्टेंसिग का पालन न करने की भी चर्चाएं पूरे शहर में चर्चा का विषय बनीं है, लोग कह रहे हैं कि "भईया! जे आम आदमी कू सड़क पर कानून सिखाय वालन को भला कौन सिखाय सकत है कानून?"
सोचने वाली बात है अगर कानून का पालन कराने वाले ही उल्लंघन करने लगेंगे तो पालन कौन करायेगा?

रिपोर्ट-
अर्जुन मिश्रा

छः दिन बाद भी पुलिस नहीं मिला सकी बच्ची को परिवार से।

  • विवाहिता द्वारा अपनी बच्ची को बस स्टैंड पर छोड़कर प्रेमी देवर के साथ भाग जाने के छः दिन बाद भी पुलिस ढूंढ नहीं पायी बच्ची का पिता।
  • अब बाल कल्याण बोर्ड ही लेगा बच्ची के बारे में कोई निर्णय।
  • बच्ची द्वारा नाम व पता बताने के बाद भी पुलिस को छः दिन से नहीं मिल रहा पता।
एटा 15 जून जनपद मुख्यालय पर आज से 6 दिन पूर्व रोडवेज बस स्टैंड पर मां के (प्रेमी) चाचा के साथ बच्ची को बस में बिठा कर छोड़ कर भाग जाने के बाद चर्चा में आई घटना पर पुलिस 6 दिन बाद भी उक्त घटना में गंभीर नजर नहीं आई। बच्ची के द्वारा अपने मां-बाप का नाम बताए जाने के बाद भी पुलिस बच्ची के पिता का आज तक कहीं सुराग नहीं लगा पाई है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक त्यागी ने बताया की 6 वर्षीय बच्ची नंदनी को बाल कल्याण बोर्ड के समक्ष पेश किया गया था, जिन्होंने उसका डॉक्टरी परीक्षण कराने का आदेश दिया है। बच्ची का चिकित्सीय परीक्षण कराकर उसे पुनः बाल कल्याण बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा उसके बाद बोर्ड ही निर्णय करेगा कि बच्ची कहां रहेगी।
लोग कहते हैं कि आज की टेक्नोलॉजी लैस पुलिस बहुत एडवांस हो चुकी है, जब चाहे तब किसी का भी पता लगा सकती है, किंतु एटा पुलिस में ऐसा कोई गुण नजर नहीं आ रहा है। यह 20 साल पुरानी पुलिस की तर्ज पर आज भी काम कर रही है। जब बच्ची ने अपने माता-पिता तथा परिवार के सदस्यों गांव का भी नाम बता दिया तो पुलिस उन्हें क्यों नहीं खोज पा रही। बच्ची आज 6 दिन से थाने में बैठी है। गुनाह उसकी मां ने किया है। उसका क्या दोष है उसको मां नहीं तो पिता तो मिलना ही चाहिए।

रिपोर्ट-
अर्जुन मिश्रा

दो अलग-अलग वाहन दुर्घटनाओं में तीन व्यक्तियों की मौत

  • दोनों घटनाओं में अंजाम देकर मोटरसाइकिल अज्ञात वाहन चालक हुए फरार।
  • पुलिस ने दोनों घटनाओं में रिपोर्ट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। 
एटा। 15 जून, जनपद के थाना मिरहची क्षेत्र के एटा कासगंज मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास आज प्रातः 10:30 बजे मोटरसाइकिल से अपने मित्र के साथ अपने घर पंखा लेने जा रहे दो युवाओं को एक अज्ञात मोटरसाइकिल ने टक्कर मार दी। जिससे दोनों की गिरने से मौत हो गई तथा अज्ञात मोटरसाइकिल चालक मोटरसाइकिल सहित फरार हो गया।
प्रभारी निरीक्षक, मिरहची ने बताया कि आज प्रातः 10:30 बजे धर्मेंद्र पुत्र रतन सिंह निवासी ग्राम कुटेना अपने साथी बॉबी पुत्र महाराज सिंह निवासी-जिनहरा के साथ मोटरसाइकिल पर अपने घर से पंखा लेने जा रहा था, तभी रास्ते में हनुमान मंदिर के पास उसे एक अज्ञात मोटरसाइकिल चालक ने टक्कर मार दी जिससे वह गिर गए और दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
मृतक बॉबी मिरहची मे अल्लाह नूर की टेंट की दुकान पर नौकरी करता था तथा धर्मेंद्र बिजली मैकेनिक का कार्य करता था।
वहीं दूसरी घटना इसी थाना क्षेत्र के ग्राम सिरसा टिप्पू के पास घटी जिसमें 34 वर्षीय सुखबीर पुत्र अमृतलाल निवासी ग्राम कोयला थाना मिरहची की किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से सर में चोट लगने से मौत हो गई।
प्रभारी निरीक्षक, मिरहची ने बताया की बीती सायं 34 वर्षीय सुखबीर मिरहची से मजदूरी कर पैदल अपने घर ग्राम कोयला वापस जा रहा था तभी रास्ते में उसे किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी जिससे उसके सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने दोनों घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज कर शवों का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर दोनों घटनाओं के फरार वाहन चालकों का पता लगा रही  है।

रिपोर्ट-
अर्जुन मिश्रा

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