- ए डी स्वास्थ्य को निरीक्षण के बाद भी नहीं थी जानकारी, बोले मामले की होगी जांच।
- सांस लेने में परेशानी होने पर भी वैन्टीलैटर पर नहीं रखा चिकित्सक ने, जबकि जिला चिकित्सालय में चार वैन्टीलेटर हैं मौजूद।
- मृतक के परिजनों को मौत के कई घंटे बाद दी सूचना।
एटा। 16 जुलाई, जनपद के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला मारहरा गेट निवासी 45 वर्षीय संजीव वार्ष्णेय की आज एटा के जिला चिकित्सालय स्थित आइसोलेशन वार्ड में मौत हो गई। वह दवा का व्यवसाय करते थे।
आज अलीगढ़ मंडल के ए डी स्वास्थ्य, डा. एन पी सिंह ने प्रातः 9:45 पर जिला चिकित्सालय में ओपीडी आदि स्थानों का निरीक्षण किया। किंतु जिला चिकित्सालय के आइशोलोशन वार्ड में संजीव वार्ष्णेय की मौत के समय के अनुसार उसकी मौत 10 बजे हुई, उस समय जिला चिकित्सालय में एडी भी मौजूद थे किंतु किसी को मौत की खबर तक न लगी। जबकि संजीव की मौत की खबर प्रातः काल की है। उसे श्वास लेने में परेशानी होती रही और वार्ड में कोई भी कर्मचारी के न होने के कारण उसे उपचार नहीं मिल सका।
ए डी स्वास्थ्य ने फोन पर वार्ता करने पर बताया कि निरीक्षण के दौरान उन्हें किसी भी कोरोना संदिग्ध की आइशोलोशन वार्ड में मौत होने की कोई जानकारी नहीं दी गई, जो कि उन्हें देनी चाहिए। साथ ही सीएमएस द्वारा मौत का सही समय न बता पाने एवं वैन्टीलेटर होने के बाद भी उसे वैन्टीलेटर पर न रखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मौत के समय व उपचार में लापरवाही तथा घटना छिपाने की जांच करायी जायेगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने बताया कि आज लगभग 11:30 बजे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती संजीव वार्ष्णेय नामक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई है।
वह टीवी तथा सांस के रोग से पीड़ित थे। उनका शनिवार को सैंपल लेकर कोरोना टैस्ट होने के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। जिसकी रिपोर्ट अभी तक वापस नहीं आयी है। मृतक का शव उसके परिजनों को सौंपा जा रहा है।
वहीं मृतक के परिजनों ने सीएमएस पर संजीव का सही उपचार न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे पुत्र की मौत 11:30 बजे नहीं, प्रातः हुई है। उसे सांस लेने में दिक्कत के उपरांत भी चिकित्सक द्वारा न तो उसका कोई उपचार किया गया और न ही उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। अगर उसे वेंटीलेटर पर रखकर सही उपचार किया जाता तो उसकी जान बच जाती।चिकित्सालय की लापरवाही एवं उपचार न करने के बाद परिजनों ने उसकी कोरोना रिपोर्ट को छुपाने का आरोप लगाते हुए कोरोना की स्पष्ट रिपोर्ट न आने तक मृतक का शव लेने से इनकार कर दिया तथा शीघ्र ही जांच रिपोर्ट तथा चिकित्सालय में उपचार न करने की जांच की मांग की हैं।
वही सीएमएस मृतक का शव 12 बजे उसके परिजनों को देने का दबाव बना रहे थे किंतु परिवार के लोग बिना रिपोर्ट के शव लेने को तैयार नहीं थे। दोपहर तीन बजे तक मृतक का शव आइशोलोशन वार्ड में रखा अपने अंन्तिम संस्कार का इंतजार कर रहा था।
रिपोर्ट-
अर्जुन मिश्रा