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Thursday, August 24, 2017

यू० पी० में 5 दिन के अंदर एक और बड़ा ट्रेन हादसा, कैफियत एक्सप्रेस 12225 (अप) दुर्घटनाग्रस्त, 74 घायल

अभी एक सप्ताह भी नहीं हुआ था कि यू०पी० में एक और रेल हादसा सामने आया है| रात्रि लगभग 2 बजकर 40 मिनट पर आजमगढ़ से दिल्ली जा रही कैफियत एक्सप्रेस कानपुर से इटावा के औरैया में मानव रहित क्रासिंग पर, ट्रैक पर पहले से खड़े डम्पर (HR 63 B 9175) से टकरा गयी| जिसमें ट्रेन के इंजन सहित 10 डिब्बे पटरी से उतर गए| जिसमे लगभग 74 लोग घायल हो गए और 4 लोग बुरी तरह से घायल हो गए | डम्परचालक के समय पर सुचना देने पर राहत कार्य समय से चालू हो गया| गौरतलब है कि इससे पहले भी 5 दिन पहले 19 अगस्त, 2017 दिन शनिवार को भी यू०पी० के मुजफ्फरनगर के खतौली में उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटना ग्रस्त हो गयी थी| उसमे भी रेलवे विभाग की लापरवाही सामने आयी थी, जिसमे 23 लोग मारे गए थे|
  • कानपुर- टूंडला सेक्शन पर सभी पैसेंजर ट्रेनों का रुट बंद कर दिया गया है|
  • सात ट्रेनों का रुट बदला गया|
हेल्पलाइन नं:- 
टूंडला- 05612-1072, 220337
इटावा- 05688-1072, 266382, 220338
अलीगढ़- 0571-1072, 
लखनऊ 0522-2237667, 9794830975
आज़मगढ़- 9794843929

Tuesday, August 22, 2017

सुप्रीम कोर्ट ने बताया तीन तलाक को असंवैधानिक, छः महीने में सरकार बनाये नया कानून

नई दिल्ली लाइव, गौरतलब है कि भाजपा ने अपने 2014 के चुनावी घोषणा पत्र में जब से मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति का वादा किया था, तभी से देश के प्रायः सभी अखबार और न्यूज़ चैनल पर यह बहस आम हो गयी थी कि क्या तीन तलाक उचित है या अनुचित? तीन तलाक की वैधानिकता का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी काफी समय से चल रहा था।मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने तीन तलाक पर छः दिन तक चली लगातार सुनवाई के बाद 18 मई को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था, जिस पर आज दिनांक 22 अगस्त, 2017 दिन मंगलवार सुबह 10:30 बजे तक फैसला आयेगा| 
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सुप्रीम कोर्ट में आज आएगा तीन तलाक पर ऐतिहासिक फैसला
Latest Update:-

10: 40 AM: बहुमत के आधार पर तीन तलाक असंवैधानिक, छः महीने तक लगी रोक, देश की संसद बनाये कानून |

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई छः महीने तक तीन तलाक पर लगाईं रोक, सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के अध्यक्ष जस्टिस जेएस खेहर ने तीन तलाक पर विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए छः महीने तक के लिए रोक लगा दी और कहा है कि केंद्र सरकार इस मामले पर कानून बनाये| इन छः महीनों के अन्दर यदि मुस्लिमों के अन्दर पुरुष अपनी महिलाओं को तलाक देते है तो उसे असंवैधानिक माना जायेगा | गौरतलब है कि पीठ के तीन जजों ने तीन तलाक को असंवैधानिक माना है| 

Sunday, June 18, 2017

PM Modi launches android mobile based application

mobile app launch modi:techniquesandidea.blogspot.com
PM MODI LAUNCHES ANDROID BASED MOBILE APPLICATION
modi application inside view:techniquesandidea.blogspot.com
MODI APPLICATION INSIDE VIEW
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने digital india program के तहत एक कदम और आगे बढ़ाते हुए नई दिल्ली में एंड्राइड मोबाइल आधारित Narendra Modi Application लांच किया। इस एप्लीकेशन का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी से सीधे जुड़ना है । इस app के माध्यम से जरूरी जानकारी तत्काल अपडेट करने के साथ मोदी के मेसेज और ईमेल भी सीधे प्राप्त करने का मौका मिलेगा। इस ऍप्स के जरिये मोदी के ताजा ट्वीट और ब्लॉग को भी पढ़ा जा सकता है और जरूरत पढ़ने पर अपने विचार भी साझा किये जा सकते है। इस एप्प पर मोदी की बायोग्राफी के साथ उनकी सरकार द्वारा अब तक किये कार्यों को भी पड़ा जा सकता है। android अधारित इस एप्प को आप google play store से भी डाउनलोड कर सकते हैं। डाउनलोड करने के लिए लिंक नीचे दिया गया है...............

Sunday, November 6, 2016

इंडियन बोन फिलर जोड़ेगा चूर हो गयी हड्डियों को भी

किसी हादसे में यदि आपकी हड्डी बुरी तरह टूटकर चूर-चूर हो गयी है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके इलाज के लिए जिस महंगे विदेशी बोन फिलर का इस्तेमाल किया जाता था, उसके स्थान पर BHU और IIT के विशेषज्ञों ने सस्ता Indian Bone Fillar(इंडियन बोन फिलर) तैयार कर लिया है। बाहर से आने के कारण विदेशी बोन फिलर की कीमत ढाई से तीन हजार रुपये प्रति ग्राम तक होती है, जो काफी महंगा है, जबकि यहाँ बना बोन फिलर विदेशी बोन फिलर के मुकाबले एक चौथाई तक सस्ता होगा। इंडियन बोन फिलर के लिए आई.आई.टी. में करीब 200 सैंपल बनाये गए हैं। इसके पेटेंट के लिए भी आवेदन किया गया है। इसके निर्माण के लिए कुछ कम्पनियां आगे आयी हैं, अगर सब कुछ ठीक रहा तो एक या दो वर्ष में ही इंडियन बोन फिलर इलाज के लिए बाजार में आ जायेगा। भारत सरकार के मेक इंडिया के तहत यह एक बड़ी उपलब्धि होगी।
गड्ढे को भी भरता: किसी हादसे में जब सिर्फ हड्डी ही टूटती है तो उसको स्टील या पोलीमर लगाकर ही जोड़ दिया जाता है, लेकिन जब उसका चूरा हो जाता है तो चोट के स्थान पर गड्ढे भी हो जाते हैं। अगर उसे भरा नहीं जाये तो हड्डी ठीक से जुड़ नहीं पाती है और चोट का स्थान भद्दा सा लगता है। इसी समस्या को हल करने के लिए बोन फिलर की जरूरत पड़ती है। कैल्शियम (Calcium) और बोन मिनरल की सहायता से इसे तैयार किया जाता है | 
जुटे हैं कई विशेषज्ञ: केमिकल इंजीनियरिंग विभाग, आई.आई.टी. के प्रो. प्रदीप कुमार श्रीवास्तव एवं चिकित्सा विज्ञान संस्थान स्थित हड्डी रोग विभाग, बी.एच.यू. के प्रो. अमित रस्तोगी के निर्देशन में टिश्यु इंजीनियरिंग लैब में इंडियन बोन फिलर बनाया जा है। इनके अलावा भी कई विशेषज्ञ जुटे हुए हैं।
जानवरों पर परीक्षण रहा है सफल: बी.एच.यू. के हड्डी रोग विभाग के प्रो. अमित रस्तोगी का कहना है कि बोन फिलर बनाने के लिए काफी दिनों से कार्य चल रहा है। फिलहाल जानवरों पर इसका परीक्षण किया जा रहा है, जो काफी सफल साबित हो रहा है। पेटेंट मिलते ही इसका इंसानों पर परीक्षण शुरू कर दिया जाएगा। इससे खराब से ख़राब टूटी हड्डी को भी जोड़ने में भी सहायता मिलेगी।

Sunday, July 12, 2015

अब इंसान सच में बदलेगा गिरगिट की तरह रंग

वाशिंगटन/एजेंसी: सेन्ट्रल फ्लोरिडा विश्वविद्यालय में भारतीय मूल के वैज्ञानिक देवाशीष चन्दा व उनकी टीम ने मिलकर ऐसी तकनीक बनाई है जिसका उपयोग इंसान के बाल से भी हल्का व महीन डिस्प्ले बनाने में किया जा सकता है। इस तकनीक की मदद से सामान्य कपड़ों का रंग भी बदला जा सकता है और कम बिजली से चलने वाले हल्के ई-स्क्रीन रीडर भी बनाये जा सकते हैं। यह एक ऐसा लचीला डिस्प्ले है जो प्रकाश का कुछ भाग सोख लेता है तथा कुछ भाग परावर्तित कर देता है। डिस्प्ले के लिए जो वोल्टेज चाहिए वह बहुत ही हल्के व इंसान के शरीर के लिये सुरक्षित हैं। एक छोटी सी बैटरी के द्वारा यह प्रक्रिया पूरी होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार डिस्प्ले का रंग बदलने की यह क्षमता वोल्टेज में आये उतार-चढ़ाव से हासिल की जाती है। यह तकनीक लाल, हरे और नीले रंग के सम्मिश्रण से पैदा होने वाले सभी रंग बना सकती है। भविष्य में इसका उपयोग सैनिकों को युद्ध में दुश्मन से छिपाने के लिये रंग बदलने वाले कपड़े बनाने में भी किया जा सकेगा।

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